Brahmachari Dr. Girish Chandra Varma Ji Blog


महर्षि संस्थान के समस्त वैदिक आचार्यों एवम विद्वानों के लिए ब्रह्मचारी गिरीश जी का संदेश

महर्षि संस्थान के समस्त वैदिक आचार्यों एवम विद्वानों के लिए ब्रह्मचारी गिरीश जी का संदेश

महर्षि संस्थान के समस्त वैदिक आचार्यों एवम विद्वानों के लिए ब्रह्मचारी गिरीश जी का संदेश  29/04/2020 02:32:12 PM   महर्षि संस्थान के समस्त वैदिक आचार्यों एवम विद्वानों के लिए ब्रह्मचारी गिरीश जी का संदेश   admin

परम प्रिय वैदिक विद्वानों, जैसा कि सर्वविदित है, विश्व परिवार इस समय एक अदृश्य शक्ति द्वारा उत्पन्न महामारी की त्रासदी से व्यथित है। हज़ारों की संख्या में व्यक्ति असमय काल के गाल में समा चुके हैं और लाखों प्रभावित हैं। वैज्ञानिक और चिकित्सक इसका समाधान खोजने में रातदिन प्रयासरत हैं। भारतवर्ष की राष्ट्रीय, प्रांतीय और स्थानीय सरकारें पूर्ण सक्रियता से नागरिकों के हित में सभी आवश्यक कदम उठा रही हैं। आप सब वैदिक वरिष्ठ विद्वान हैं और सगुण साकार की उपासना के साथ साथ निर्गुण, निराकार, अव्यक्त, अदृश्य शक्ति की आराधना में भी महारत प्राप्त हैं। प्रियजनों, विज्ञान को अपना कार्य करने दीजिए, सरकारों को अपना कार्य करने दीजिए, दोनों को हमारा पूरा सहयोग है और उनकी शीघ्र सफलता की मनोकामना है। आपके पास अव्यक्त परा चेतना से अव्यक्त एवम अदृश्य नकारात्मकता को रोक देने की सामर्थ्य है। हमारा आवाहन है कि विश्व के लिए संकट की इस घड़ी में अपनी इस अचूक, वैदिक, आध्यत्मिक और आधिदैविक महाविद्या का प्रयोग करके विश्व परिवार को संकट से मुक्त कराएं। इस हेतु कुछ सुझाव इस प्रकार हैं: 1. वैदिक दिनचर्या का पालन नियम संयम पूर्वक कड़ाई से करें। 2. नित्य त्रिकाल सन्ध्या समय पर करें। 3. प्रातः सन्ध्या योगासन, प्राणायाम, भावातीत ध्यान और सिद्धि कार्यक्रम का अभ्यास करें। 4. प्रातःकाल में इस महामारी से बचाव व इसके शमन के संकल्प के साथ श्रीदुर्गादेवी का विधिवत पूजन करके दुर्गासप्तशती का पाठ करें। 5. दोपहर के समय इसी संकल्प के साथ नवग्रहों की शांति का अनुष्ठान करें। 6. प्रदोषकाल में ससंकल्प रुद्राभिषेक करें। 7. साधना व आराधना के ये सभी अनुष्ठान समूह में न करके अपने अपने घरों या यदि आश्रम में हों तो अपने अपने कक्ष में करें। 8. सरकारी सूचनाओं और आदेशों को ध्यान से पढ़ें और समस्त आदेशों का कड़ाई से पालन करें। हमें पूर्ण विश्वास है के परमपूज्य महर्षि द्वारा बताए गए इस मार्ग से सामूहिक चेतना में सतोगुण की अभिवृद्धि करके और देवी शक्ति का जागरण करके इस महामारी से शीघ्र ही विश्व को मुक्ति दिलाकर आप अपने वैदिक धर्म का पालन करेंगे। हम सदा ही आपकी सेवा और हर प्रकार की सहायता के लिऐ तैयार और उपलब्ध हैं। श्रीगुरुदेव और महर्षि जी का आशीर्वाद तो हम सबके साथ है ही। समस्त शुभ कामनाओं सहित आपका ब्रह्मचारी गिरीश


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