Brahmachari Dr. Girish Chandra Varma Ji Blog


धर्म संस्कृति महाकुम्भ २०१६

धर्म संस्कृति महाकुम्भ २०१६

धर्म संस्कृति महाकुम्भ २०१६   29/12/2016 04:24:42 PM   धर्म संस्कृति महाकुम्भ २०१६    admin

ब्रह्मचारी गिरीश वैदिक विद्या मार्तण्ड उपाधि से सम्मानित नागपुर के रेशिम बाग में 23 से 25 दिसम्बर तक आयोजित त्रिदिवसीय "धर्म संस्कृति महाकुम्भ" में श्रीनाथ सम्प्रदाय देवमठ के पूज्य पीठाधीश्वर 1008 आचार्य जितेन्द्रनाथ जी महाराज एवं ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानन्द सरस्वती जी ने ब्रह्मचारी गिरीश को "वैदिक विद्या मार्तण्ड" की उपाधि से विभूषित कर सम्मानित किया।
यह सम्मान ब्रह्मचारी गिरीश को शिक्षा के क्षेत्र में उनके विशेष योगदान, विश्वशाँति के प्रयास में उनकी महती भूमिका और वैदिक ज्ञान-विज्ञान के प्रचार-प्रसार, संरक्षण व संवर्धन में उनके द्वारा अब तक किये गये कार्यों की मान्यता स्वरूप प्रदान किया गया। इस अवसर पर शंकराचार्य जी, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघ चालक माननीय मोहन भागवत जी, अनेक महामण्डलेश्वर, मठाधीश, सम्प्रदाय प्रमुख, 1100 साधु-सन्त, हजारों की संख्या में श्रद्धालुजन एवं मातृशक्ति संघ की सदस्या उपस्थित थीं।
सम्मान के क्रम में शंकराचार्य जी एवं आचार्य जितेन्द्रनाथ जी ने महर्षि महेश योगी जी के द्वारा विश्व परिवार के सम्पूर्ण उत्थान के लिये प्रदत्त भावातीत ध्यान, सिद्धि तकनीक और उनके द्वारा वेद विद्या का विश्वव्यापी पुनर्जागरण, पुनर्गठन और पुनस्र्थापन किये जाने की भूरि-भूरि प्रशंसा की और ब्रह्मचारी गिरीश द्वारा महर्षि जी की इस परम्परा को जीवंत रखते हुए इसे आगे ले जाने के लिए साधुवाद और आशीर्वाद दिया।
ब्रह्मचारी गिरीश ने अपने उद्बोधन में कहा कि "वैदिक गुरू परम्परा और महर्षि महेश योगी जी के द्वारा जनमानस के कल्याण हेतु समस्त कार्यक्रमों को महर्षि संस्थान और वे स्वयं आगे बढ़ाने के लिये कृतसंकल्प हैं एवं इस दिशा में अनेक कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं।" ब्रह्मचारी जी ने कहा "हमारे लिये यह सम्मान साधु संतों का आशीर्वाद है, कृपा है, प्रोत्साहन है और दायित्वों के बोध का पुर्नस्मरण है। आपका आशीर्वाद और कृपा सदा बनी रहे और हम विश्व शाँति की स्थापना, भूतल पर स्वर्ग के अवतरण में अपना कर्तव्य निभा सकें इसके लिये हम संतों के आशीर्वाद के सदा आकांक्षी रहेंगे।" अपने हाथ उठाकर संतों ने ब्रह्मचारी गिरीश को आशीर्वाद प्रदान किया और हजारों की संख्या में उपस्थितजनों ने कर्तल ध्वनि से अपना समर्थन दिया।
उल्लेखनीय है कि ब्रह्मचारी गिरीश महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय के कुलाधिपति, महर्षि विद्या मन्दिर विद्यालय समूह और अनेक शैक्षणिक संस्थाओं के अध्यक्ष हैं। इन संस्थानों में लगभग 250,000 विद्यार्थी शिक्षारत हैं।


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